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Watch Cult Mentality. 


 मै हिन्दू हूँ तोतुम्हे दिक्कत है ?  तो कैसे मैं कह दूँ आतंकवाद का कोई महजब नही होता ?


तुम मुसलमान होमुझे दिक्कत नही है 

तुम ईसाई हो 

मुझे दिक्कत नही है 


 मै हिन्दू हूँ तो

तुम्हे दिक्कत है ?


 फिर तो तुम 

दिक्कत मे रहोगे हमेशा 

क्योंकि 

मै गर्वित 

कट्टर

हिन्दू हूँ । 


पाक से लेकर पेरिस तक 

कहीं भी आतकी हमला हो तो 


एक ही कौम 

एक ही महजब 

और 

एक ही मानसिकता वाले 

लोगो पर शक जाता है 

और 

वो शक 

सच साबित भी होता है 


 तो कैसे मैं कह दूँ 

आतंकवाद का 

कोई महजब नही होता ?


 1 गांधी मरा, 

6000 ब्राहमणों को मारा गया ।


 1 इंदिरा गांधी मरी, 

4700 सिखों को मारा गया ।


 1 दामिनी को 

दर्दनाक मौत दी गयी, 

1 मोमबत्ती जली ।


मुस्लमान 

वन्दे मातरम न बोले 

तो ये उन का धार्मिक मामला है ।


 नरेन्द्र मोदी टोपी ना पहने 

तो ये साला 

सांप्रदायिक मामला है ?


 डेनमार्क में अगर

 कोई फोटो बन गयी 

तो उस का सर कलम ।


 श्रीराम की जमीन पर 

अगर मंदिर बनाने को 

बोला जाये तो हिन्दू बेशर्म ?


 गोधरा में जो 50-60 हिन्दू 

ट्रेन में जले 

वो सब भेड़ बकरी थे,


और उसके बाद 

जो मुस्लिम मरे 

वो देश के सच्चे प्रहरी ? 


15 साल पहले ही 

कश्मीर हो गयी 

हिन्दुओ से खाली, 


देश की बढती 

मुस्लिम आबादी 

हमारी खुशहाली ? 


पठानी सूत, 

नमाजी टोपी में 

वो ख़ूबसूरत, 


हम सिर्फ

 तिलक लगा लें या 

राम कह दे तो 

भगवा आतंक की मूरत?


 कोई लड़ता है यहाँ 

पाकिस्तान के लिए, 

कोई लड़ता है 

उर्दू जुबान के लिए, 


सब चुप हो जाते हैं 

श्री राम नाम के लिए, 


अब तो गूंजते हैं नारे 

तालिबान के लिए,


 हिन्दू परेशान है 

नौकरी और दुकान के लिए।


 मैं पूछता हूँ 

इसका 

समाधान कहाँ है? 


अरे तुम ही बोलो

 हिन्दू का हिन्दुस्तान 

कहां है ?


 जिसकी_तलवार_की_छनक_से अकबर_का_दिल_घबराता_था


 वो_अजर_अमर_वो_शूरवीर वो_महाराणा_कहलाता_था


फीका_पड़ता_था_

तेज_सूरज_का,

जब_माथा_ऊंचा_करता_था ,


 थी_तुझमे_कोई_बात_राणा,

 अकबर_भी_तुझसे_डरता_था 


पुत्र मैं भवानी का … 

मुझ पर किसका जोर …


 काट दूंगा हर वो सर …

 जो उठा मेरे धर्म की ओर …


 भुल जाओ अपनी जात …

 करो सिर्फ धर्म की बात …


 एकबार नही …

 सौ बार सही …

 हर बार यही दोहरायेगे …


 जहाँ जन्म हुआ …

 प्रभु श्री राम जी का … 

मंदिर वहीं बनायेंगे .. 


हिन्दुस्तान की सभी हिंदुत्व संगठन एक बनाऐ !!

इंडिया नहीं हमें हिन्दुस्तान चाहिये !!


!!अहींसा परमो धर्मःधर्महिंसा तदैव च:!!


अगर हिंदुत्व का खून हो तो share करना नही भूलना ….. ।।


             🚩जय हिंद🚩

           🚩जय श्रीराम🚩

     🚩गर्व से कहो हम हिंदु है🚩

Sam Hindu

      जय हिन्दू राष्ट्र

जानिए गजवा-ए-हिन्द क्या है।


जानिए गजवा-ए-हिन्द क्या है।

पहले तो यह जाने की गजवा-ए-हिन्द का मतलब क्या है, काफिरों को जीतने के लिए किये जाने वाले युद्ध को “गजवा” कहते हैं और जो इस युद्ध में विजयी रहता है उसे “गाजी” कहते हैं, जिस भी आक्रान्ता और अक्रमंनकारी के नाम के सामने गाजी लगा हो या जिसे गाजी की उपाधि दी गयी हो निश्चय हो वह हिन्दुओ का व्यापक नर संहार करके इस्लाम के फैलाव में लगा था। हम हिन्दुओ की सबसे बड़ी कमजोरी है की हम धर्म के बारे में बहुत कम जानते हैं और और अपने को सेकुलर कहते है और सेकुलर का मतलब भी नहीं जानते। एक मुस्लिम अपने को कभी भी सेकुलर नहीं कहता है, चाहे वह नेता हो या आम नागरिक , हां, वह हिन्दू भीड़ में सेकुलर बनने का महत्व का भाषण जरुर देता है।


गजवा-ए-हिन्द का मतलब है की भारत में सभी गैर मुस्लिमो पर इस्लामिक शरिया कानून लागु करना जिसके लिए या तो इनको मारकर ख़तम कर दो या इनको इस्लाम स्वीकार कराओ या उन्हें तब तक जिन्दा रखो जब तक अपनी कमाई का एक हिस्सा “जजिया कर” के रूप में इस्लामिक सरकार को देते रहे जैसा मुग़ल करते रहे। भारत में यह एक बार हो चूका है, हलांकि यह तुकडे तुकडे में हुआ।


गजवा-ए-हिन्द के ७ मुख्य प्रक्रिया स्तर होते हैं


१- अल-तकिय्या :


यह वह अवस्था है जब मुस्लिम कमजोर या कम संख्या में होता है, इस स्थिति में काफिरों (गैर-मुस्लिमों)से झूठ बोलना और उन्हें धोखा देना जायज माना जाता है. यह अवस्था अपने को अंदरूनी तौर से मजबूत रखना और काफिरों से अपनी अंदरूनी जानकारियों से दूर रखना. नेहरुद्दीन जवाहिरी और मैमूना बेगम, राजीव का असली धर्म आज भी किसी को नहीं पता है.


२-काफिरों के मन में भय भरना :


इस काम के लिए काफिरों पर धोखे से हमला करना और उनकी हत्या करना, झुण्ड बनाकर किसी एक जगह पर काफिरों (गैर मुस्लिमों) पर हमले करना, जो पिछले ३-४ साल से भारत में जारी है. ट्रकों और गाड़ियों में भरकर किसी एक जगह पर हिन्दुओं को हड़काना सेकुलर सरकारों में कब से चल रहा है. इस काम के लिए गैर मुस्लिम अगुआ और आक्रामक नेताओं को मौत के घात उतरना, एक-एक करके उनको घात लगाकर खतम कर देना जिसे लोग भयभीत रहा करें और सार्वजनिक रूप से जबान न खोलें.


3 हथियारों का जखीरा इकठ्ठा करना :


यह काम बहुत ही निर्णायक होता है और इसमें धर्म युद्ध जैसे कोई नियम नहीं होते. काफ़िर को जितनी पीड़ा दायक मृत्यु दी जाये (दूसरे काफ़िर को दिखाकर) वह सबसे ज्यादा प्रभावी होता है. हथियार इकठ्ठा करने का काम जो “अदनान खगोशी और उसके बाद बहुत से मुस्लिम तस्कर” पिछले ४० साल से कर रहे हैं. सबसे ज्यादा हथियार सोवियत संघ से मुस्लिम देशों के टूटने के बाद भारत में लाये गए, अनुमान के अनुसार पूर्व सोवियत देशों से १ करोड़ AK-47 गायब हुयीं मगर आज तक उनका कोई पता नहीं है! ये हथियार मुख्यतः भारत-अफगानिस्तान-पाक­िस्तान गए.


4 समय समय पर काफिरों की ताकत का अंदाज़ा करना :


इसके लिए दंगो का सहारा लेकर अपने आक्रमणों का काफिरों की तरफ से प्रतिरोध आंकना जो बहुत दिनों से चल रहा है और इसका ताजा उदाहरण जम्मू के किश्तवाड़ में देखने को मिला. छोटी-छोटी बातों पर बड़ा झगड़ा करके काफिरों की एक जुटता का और उनकी ताकत का पता लगाना.


5 ठिकाने या शिविर बनाना :


इस काम के लिए धर्म का सहारा और दूसरे धर्म पर इस्लाम को सच्चा धर्म बताकर लोगों को आस्थावान बनाकर किया जाता है जिससे लोग मुस्लिमों पर विश्वास करें और उन पर शक न करें. इस इलाके से गैर मुस्लिमों को दूर रखा जाता है जिससे उन्हें गतिविधियों की जानकारी मिल ही न सके और वे गाफिल रहें. इसके लिए बस्तियों और मस्जिदों को इस्तेमाल किया जाता है जहा पर लोगों को इकठ्ठा करना और हथियार रखना और भीड़ को भड़काकर काफिरों का उस इलाक़े में सफाया कर देना. इस्लामिक गतिविधि वाले शिविरों के इलाके से किसी न किसी बहाने सभी काफिरों को भगाना जरुरी होता है जिससे कि कहीं संवेदनशील सूचनाएँ काफिरों को लीक न हो जाएँ क्योंकि इस्लाम की असली ताकत “अल-तकिय्या” ही है.


6 सरकारी सुरक्षा तंत्र को कमजोर करना :


इस काम में तो खुद सरकारें तक शामिल हैं, हर शुक्रवार को नमाज़ के बाद पुलिस की पिटाई उनके मनोबल को तोड़कर पूरे तंत्र को कमजोर करने का हिस्सा है जो जोर-शोर से चल रहा है. असल में सेकुलर सरकारें खुद इस काम को पता नहीं किस वजह से समर्थन दे रही हैं. जिस फौजी के पास १२०० गज कारगर रेंज की असाल्ट रायफल है, वह इन जेहादियों पर गुलेल चला रहा है. इशरत जहाँ और सोहराबुद्दीन केस इसी का भाग है जो इस्लामिक शक्तियों के इशारे पर हो रहे हैं. सेना की संख्या कम रखना, उनके पास साधनों का अभाव, उनके ऊपर क़ानूनी शिकंजा, नौकरी को मजबूरी बनाना, यह इसी का हिस्सा है कि व्यापक दंगे की स्थिति में जिसमें मशीन गन और ग्रेनेड प्रयोग किये जाएँ, सेना का काम सिर्फ कर्फ्यू लगाने तक ही सीमित रहे.


7 व्यापक दंगे :


यह गजवा-ए-हिन्द का अंतिम पड़ाव है जिसमें बहुत कम समय में ज्यादा से ज्यादा काफ़िर या गैर मुस्लिम मर्दों को मौत के घाट उतारना और उनके प्रतिरोध को कम कर देना. गजवा-ए-हिन्द के लिए पाकिस्तान का भारत पर आक्रमण सबसे उपयुक्त समय होगा जो कि पाकिस्तानी वेबसाइटों पर बार-बार देखने को मिलता है. इस काम के लिए जेहादी लड़कों के मरने पर युवा जेहादियों को ७२ सुन्दर जवान हुर्रें मिलने की बात की जाती है और जीत गए तो जवान काफ़िर महिलाओं के साथ सहवास करने के अनंत मौके भी प्रस्तावित किये जाए हैं. यही अंतहीन सिलसिला पिछले १४०० सालों से चल रहा है. पहले भारत में सनातनी जड़ें गहरी थीं जिससे बार-बार सनातनी-हिदूत्व पनप सका लेकिन आज के दिन झूठे इतिहास और गलत पढ़ाई तथा चर्चों और अरबों द्वारा नियंत्रित टीवी / मिडिया ने हिंदुत्व का बेड़ा गर्क कर रखा है उस पर यह हिन्दू विरोधी सरकारें हर वह काम कर रही है जो हिंदुत्व को ख़त्म करने के लिए जरुरी है.


गजवा-ए-हिन्द की यह प्रक्रिया कश्मीर में आज़माई जा चुकी है जो १००% सफल रही है, जम्मू में इसका ट्रायल चल रहा है. बीच में ईसाइयत के खेल ने इसे कमजोर ज़रूर किया था लेकिन अब दोबारा इसने गति पकड़ ली है. भले ही इसमें सबसे बड़ा रोड़ा जानकारी बाँटने के रूप में फेसबुक आ चुका है लेकिन फिर भी तस्करी के हथियार तो आ ही चुके हैं।

Saudi Barberian and Wahabi Funding in Bharat


How Saudi funds Wahabbism in Bharat for destabilization. 

Last year violence broke out near a Mosque in Bommanhalli, Bangalore and what was being termed as minor tiff was in fact a case of some youth trying to impose the Wahabi preachings. When the seniors in the administration of the Mosque opposed these youth, there were clashes in which 4 persons were injured seriously. 


In another incident that occurred in Maharashtra, Wahabi scholars bribed some members of the Mosque and attempted taking over the administration. While the Muslims in many states have opposed the Wahabis tooth and nail, success for the Saudi Arabia sponsored Wahabis was highest in Kerala. These are instances that could be read with the recent Wikileaks documents which suggested that Saudi Arabia is worried about the growing influence of Iran over India and the outreach by Tehran to the Shia community was worrying. The Muslim World League also requests Saudi Arabia to establish Wahabi centres in India to counter the threat from the Shias. 


How Saudi Arabia set up Wahabi centres in Bharat? 

Saudi Arabia realizes that the Shias in India are a threat to the dominance of the Sunni community. Bharat houses a large number of Shias and this according to the Saudis gives Iran an upper hand in Bharat. However for Saudi the Sunnis in Bharat have not followed the violent Wahabi style of Islam and there are many seniors in the Muslim community who will not allow that to happen. The only way Saudi could instill a radical thinking in the minds of the Sunni Muslims in Bharat was by the establishment of Wahabi centres. The Wahabis are an extremely orthodox set of Sunni Muslims. There are several Muslims in Bharat who subscribe to the Wahabi view. As a first step, Saudi sent in several Wahabi preachers into Bharat an Intelligence Bureau report states. The years 2011 to 2013 alone saw a record number of 25,000 Wahabis coming to Bharat and conducting seminars in various parts of the country. With them they brought in Rs 1700 crore in several installments and used it to propogate the Wahabi style of Islam. 


Wahabism found success in Kerala: 

The drive by Saudi to impose the Wahabi culture in India has not been entirely a success. The highest rate of success that they have witnessed is in Kerala. This is a lot to do with the fact that there is a large population of people who go to Saudi in search of employment. Many in Kerala have welcomed with open arms the Wahabi style of preaching and this has let the Saudi controlled lot take control over nearly 75 Mosques in the state. The newer Mosques that are coming up in Kerala are also constructed in the manner in which they done in Saudi Arabia. This is just one small indicator of how much people of the state are willing to follow the radical style preached by the Wahabi scholars. 


Moreover the inflow of funds into Kerala from Saudi is the highest when compared to any other part of the country. It was in Kerala that one got to see posters mourning the death of Osama Bin Laden and also a prayer for Ajmal Kasab after he was hanged. Some officials tell HJ that a large number of youth appear to be attracted to this radical style of Islam, but also add that there are some elders who are trying to oppose it. The Wahabi rule book in Bharat: Each time a Wahabi preacher comes to India, he comes in with a rule book. What they intend to do is ensure that the rule book is circulated in the Mosques. 

However when the administration of the Mosques have opposed this it has led to clashes. The rule book has a set of guidelines which need to be ahdhered to failing which the horrific Sharia law would be imposed. 


Here are a couple of guidelines that have been set as per the Wahabi rule book: 

• Shrines shall be forbidden 

• Every Muslim woman should wear purdah or be subject to severe punishment 

• Men have to compulsorily grow beards 

• Women should not be allowed to work. Exception can be made only if the family is in need. 

• Men and women should not mingle together in public. 

• No weeping loudly at funerals. 

• Abide by the Shariat law; every offence committed shall be punishable under this law. 

• All men should wear trousers which are above their ankles. 

• No laughing loudly or listening to music; no dancing or watching television. 


Wahabi universities being set up: 

The Saudi sponsored Wahabis are aiming to set up their own education system in Bharat as well. Out of the total Rs 1700 crore that has been earmarked for the cause, Rs 800 crore is being spent on setting up Universities in different parts of the country. One such university was seen in Andhra Pradesh as well. Over all they propose to set up 4 such universities which will only cater to Wahabi preachings. With the take over of the existing Mosques becoming extremely difficult, they have earmarked Rs 400 crore to set up 40 Mosques adhering only to Wahabi preachings in different parts of the country. A sum of Rs 300 has been been earmarked to set up Madrasas while the remaining Rs 200 crore has been set aside as miscellaneous costs which also would include bribes to paid off to Mosque authorities as was seen in Maharashtra. 


The birth of the Jamiat Ahl-e-Hadith: 

The birth of the Jamiat Ahl-e-Hadith took place in Bharat in the state of Jammu and Kashmir. As a first step they wielded their influence on the various Mosques which began preaching the Sharia law as mandated by the Wahabis. The next stop was Maharashtra and Uttar Pradesh following which they began wielding influence heavily in Kerala. The Jamiat Ahl-e-Hadith was the umbrella body which oversaw the flow of Wahabi scholars into Bharat. The same outfit is also making efforts to spread their ideology into Andhra Pradesh, Uttar Pradesh, Bihar and until last year Karnataka.

Trump is Right. 


Some Times : By Sam Hindu

CAIR comes out immediately denouncing Trumps temp Ban plan..but doesn’t come out immediately regarding attacks and terrorism in The US? 
Trump was not talking about american muslims. He is talking about muslims who are trying to come to the usa .
So all of you are trying to allow the muslims into this country who are terrorist am i hearing you right .
Sounds like you dont care about christians, Hindu, Jews here in the USA just all about you forget us we have to worry but you all american muslims they wont kill you cause you are muslim you have nothing to worry about. 
Trump is trying to stop them from entering the USA to stop more killings .
Of course Muslims don’t like it when we put blame where it belongs. 
It’s muslim terrorists doing murder. Where is your outrage over innocent American lives. 
This has been going on for decades.
The Immigration and Nationality Act of 1955 expressly forbids entrance to the US of any person that is a member of an organization seeking the overthrow of the American government by “force, violence, or other unconstitutional means”. 
Please see section 241, subsection C, on page 380. 
The koran, sharia law, and the Hadith all demand complete submission to Islam first and always. 
Muslims who attest to these therefore subvert US law in favor of them. 
Trump just wants to enforce existing law..

Open Letter To Obama


By : Amil Imani


To , 

President Obama,


I just listened to your vacuous speech on Sunday, December 6, at the Oval Office about the steps our government is taking to fulfill its highest priority: keeping the American people safe.


Mr. Obama, please allow me to respond to you briefly. In my view, Islam is the problem because there are Muslims who take its holy book, the Quran, as gospel and carry out its divisive and deadly provisions. Without Muslims, Muhammad’s Quran would be just another historic relic sitting on library shelves, next to Hitler’s Mein Kampf, gathering dust and criminals of the world would have to find other instruction manuals to guide their activities.


People who keep proclaiming that they have nothing against Islam, but their battle is with Muslim terrorists are an enigma. Perhaps these people are the politically correct, the delusional who rearrange reality to their fancy, or the naïve who are incapable of dealing with facts. These people are either incapable or do not want to see that it is Muslims, the active jihadists as well as their supporters who are and remain culprits committing much of what is repugnant and harmful to civilized humanity.


If the fight is with Islam and not with Muslims, then in the interest of fairness, we must apply the same standards to other criminalities.


We should condemn arson, but not arsonists: Rape, not rapists: Theft, not thieves: Murder, not murderers, and all other forms of crimes, but not the people who commit them.


Terrorism has no external reality, without terrorists. For as long as there are people who cling no matter how loosely or tightly to Islam, humanity, including Muslims, stand to suffer the consequences. Yet, sadly, many Muslims refuse to recognize the fact that it is their sickly belief system that is at the core of leading them astray and inflicting great harm to all.


It is foolish to wage battle against beliefs that promote mayhem and murder while giving a free pass to those who adhere to those beliefs and whether or not they carry out their dogma.


We fully realize that not every Muslim is a card-carrying hell-bent jihadist. Yet, by being a Muslim, the individual, willingly or not, directly or indirectly, empowers the zealot jihadist Muslims who live and die to further the cause of Islam.


I hardly need tally the criminality and horrors of these Muslim-inspired regimes. Peace, tolerance and respect for others are alien to the followers of Muhammad, no matter which sect they belong to and irrespective of where in the world they live. No sooner in power, in any place, they shamelessly and brutally begin their mayhem and murderous practices.


It is imperative that we see reality and deal with it. No euphemism, no sugarcoating, no politically correct posturing. It is time to abandon all pretense and place the blame where it belongs. It is the Mayhem and Murder Islam, Inc. that is breeding terrorists. Without Islam, there would be no Islamic terrorists.


Respectfully,

Amil Imani

Think about it why do criminals don’t go shoot up a police station , a military base, or the White House because they all have guns !!!


This was a planned terrorist attack , from the plan to go to work and start a argument then go suit up in tactical gear to commit a terrorist attack so this administration and the controlled media can call it work place violence instead of terrorism so you can think it’s nothing just as these innocent people did . Gun control kills innocent people now tuff gun sentencing is more sensible. 

Think about it why do criminals don’t go shoot up a police station , a military base, or the White House because they all have guns !!!


Do you see the hypocrisy when I see on the news that if you see something suspicious report it …REALLY do we all forget what happened to a teacher and a school when they took steps when they thought a clock was a bomb.. Called racist and the person was given praise and even invited to the White House. This political correctness is killing innocent people!!!

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