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Bhavishya ( future) Puran and Musalman


#भविष्य पुराण में इस्लाम के बारे में मुहम्मद के जन्म से भी कई हज़ार वर्ष पहले बता दिया गया था।

लिंड्गच्छेदी शिखाहीनः श्मश्रुधारी सदूषकः। उच्चालापी सर्वभक्षी भविष्यति जनोमम।।25।।

विना कौलं च पश्वस्तेषां भक्ष्या मतामम। मुसलेनैव संस्कारः कुशैरिव भविष्यति ।।26।।

तस्मान्मुसलवन्तो हि जातयो धर्मदूषकाः। इति पैशाचधर्मश्च भविष्यति मया कृतः ।। 27।।

(भविष्य पुराण पर्व 3, खण्ड 3, अध्याय 1, श्लोक 25, 26, 27)

5 हज़ार वर्ष पहले भविष्य पुराण में स्पष्ट लिखा है। इसका हिंदी अनुवाद:

रेगिस्तान की धरती पर एक”पिशाच”जन्म लेगा जिसका नाम महामद (मोहम्मद) होगा,

वो एक ऐसे धर्म की नींव रखेगा जिसके कारण मानव जाति त्राहि माम कर उठेगी।

वो असुर कुल सभी मानवों को समाप्त करने की चेष्टा करेगा।

उस धर्म के लोग अपने लिंग के अग्रभाग को जन्म लेते ही काटेंगे, उनकी शिखा (चोटी ) नहीं होगी, वो दाढ़ी रखेंगे पर मूँछ नहीं रखेंगे।

वो बहुत शोर करेंगे और मानव जाति को नाश करने की चेष्टा करेंगे। राक्षस जाति को बढ़ावा देंगे एवँ वे अपने को मुसलमान कहेंगे। और ये असुर धर्म कालान्तर में स्वतः समाप्त हो जायेगा।

*प्रभाकर जलगावकर

DNC robbed Tulsi Gabbard So she isn’t letting them set that narrative.


DNC robbed Tulsi Gabbard So she isn’t letting them set that narrative.

Some Times By : Sam Hindu

Tulsi Gabbard has 3 of 4 DNC accepted polls and passed all her unique donor levels to make the Dec debate stage.

She needs one more DNC accepted poll by 12/12 deadline — or she would not get in the debate anyway.

And she won’t get it.

And why won’t she?

Because the DNC only has 16 pollsters they will ever accept ANY poll from and ONLY TWO have even polled since the last debate.

JUST TWO! The rest are in lock down to keep her out.

For more than a month the establishment has the candidates they want one stage and doesn’t want to add her.

One more poll will release tomorrow – Monmouth — but it already leaked and we know it qualified Yang but not Tulsi. Monmouth is a Clinton Machine pollster as revealed by Wikileaks, and the head of it hates progressives and often mocks Bernie for example. Two weeks ago another Monmouth gave Tulsi 0% — totally rigged.

So Yang IS in the debates after the newest Monmouth that drops tomorrow. Not Tulsi. Hmmm. Scratching my head.

Another poll CBS/YouGov was just completed and the word is it totally qualified her (many Tulsicrats posted here about being polled in it) BUT CBS REFUSES to let the poll be released until AFTER her 12/12 deadline(!) and they will not respond with reasons why.

If you recall, Boston Globe co-sponsored a YouGov poll 2 weeks ago and Tulsi PASSED the debate threshold easily.

it would have put her on the Dec debate stage — but DNC rejected it because even though YouGov did the poll they will ONLY accept it if CBS pays for it (co-sponsors it).

So the bottom line is DNC will simply not allow her on the stage but they want to make it look like she “lost” fair and square rather than they robbed her.

So she isn’t letting them set that narrative.

In doing this, she is right, brave and principled.

we are in the middle of the battle, now is not the time to question strategic calls.. roger?

Applaud her decision and think it was a brilliant move on her part. She does not need to be a part of that pathetic corporate media dog and pony show.

It is a move on her part that appears very presidential to me.

I think she is leading the way towards a new political dynamic in this country which we sorely need. Well done Tulsi Gabbard, and Godspeed.

This country needs her now more than ever. And she is going to win.

Either on DNC ticket or independent because so many Republicans and Democrat are behind her.

If this happens DNC will be nullified and finished their future and will never see White House.

That is my call and that is how I predict future.

My page is for truth-seekers and truth-tellers, not sheep.


During the Bow No-Obama administration, the Democrats lost the House, the Senate,

13 governorships,

816 state legislative seats, and

mayoral races in 32 states

for a total of 1,800 lost Democrat party positions-

the most of any president since Eisenhower.

Obama is the definition of a failed presidency in every

sense of the word. He ran on “Yes We Can!” in 2008 with a progressive populist platform and immediately sold out the country to Wall St. and the military-industrial complex for 2 straight terms.

Then he left the presidency to give $500,000 speeches for the same bankers he bailed out,

and now has an $8.1M mansion in DC and a $15M estate on Martha’s Vineyard.

He’s headlining Democratic party fundraisers for 2020 at $355,000 per ticket and charging $35,000 to take a selfie with him as he concern trolls voters saying we’re “going too far left.”

Hillary Clinton represented 8 more years of THAT. But tell me again how it was “the Russians” that lost in 2016.

You cannot solve problems when you don’t accurately identify the causes of them.

Stop it. Democrats need to knock off the denial and stop participating in this ridiculous narrative.

It’s irresponsible, delusional, dangerous to our foreign policy, blatantly McCarthyist, AND an obstruction to progress.

If you find this offensive, do your disagreeing somewhere else.

My page is for truth-seekers and truth-tellers, not sheep.

Hindu Word In Veda !


#हिन्दू शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई ????? पढ़े एक ज्ञानवर्धक प्रस्तुति।

#हिन्दू शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई ????? पढ़े एक ज्ञानवर्धक प्रस्तुति।

कुछ अति बुद्धिमान (सेकुलर व मुस्लिम) लोग कहते हैं की #हिन्दू शब्द फारसियों की देन है। क्यूंकि इसका उल्लेख #वेद #पुराणों में नहीं है।

मेरे #सनातनी भाईयों, इन जैसे लोगों का मुंह बंद करने के लिये आपके सन्मुख हजारों वर्ष पूर्व लिखे गये #सनातन #शास्त्रों में लिखित चंद श्लोक (अर्थ सहित) प्रमाणिकता सहित बता रहा हूँ । आप सब सेव करके रख लें, और मुझसे यह सवाल करने वाले महामूर्ख सेकुलर को मेरा जवाब भी देख लें…….////

*1-#ऋग्वेद के ब्रहस्पति अग्यम में #हिन्दू शब्द का उल्लेख इस प्रकार आया है..

हिमलयं समारभ्य यावत इन्दुसरोवरं।

तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थानं प्रचक्षते।।

अर्थात हिमालय से इंदु सरोवर तक देव निर्मित देश को हिंदुस्तान कहते हैं।

*2- सिर्फ वेद ही नहीं बल्कि मेरूतंत्र (शैव ग्रन्थ) में हिन्दू शब्द का उल्लेख इस प्रकार किया गया है….

हीनं च दूष्यतेव् हिन्दुरित्युच्च ते प्रिये।

अर्थात… जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं।

*3- और इससे मिलता जुलता लगभग यही यही श्लोक कल्पद्रुम में भी दोहराया गया है….!

“हीनं दुष्यति इति हिन्दू”

अर्थात जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते है।

4- पारिजात हरण में #हिन्दू को कुछ इस प्रकार कहा गया है…

“हिनस्ति तपसा पापां दैहिकां दुष्टं। हेतिभिः श्त्रुवर्गं च स हिन्दुर्भिधियते।।”

अर्थात जो अपने तप से शत्रुओं का दुष्टों का और पाप का नाश कर देता है, वही #हिन्दू है।

5- माधव दिग्विजय में भी #हिन्दू शब्द को कुछ इस प्रकार उल्लेखित किया गया है..

“ओंकारमन्त्रमूलाढ्य पुनर्जन्म द्रढ़ाश्य:।

गौभक्तो भारतगरुर्हिन्दुर्हिंसन दूषकः।।

अर्थात…. वो जो ओमकार को ईश्वरीय धुन माने, कर्मों पर विश्वास करे, सदैव गौपालक रहे तथा बुराईयों को दूर रखे, वो #हिन्दू है।

6- केवल इतना ही नहीं हमारे #ऋगवेद ( ८:२:४१ ) में विवि हिन्दू नाम के बहुत ही पराक्रमी और दानी राजा का वर्णन मिलता है। जिन्होंने 46000 गौमाता दान में दी थी…. और ऋग्वेद मंडल में भी उनका वर्णन मिलता है।

7- ऋग वेद में एक #ऋषि का उल्लेख मिलता है जिनका नाम सैन्धव था । जो मध्यकाल में आगे चलकर “#हैन्दव/#हिन्दव” नाम से प्रचलित हुए, जिसका बाद में अपभ्रंश होकर #हिन्दू बन गया…!!

8- इसके अतिरिक्त भी कई स्थानों में #हिन्दू शब्द उल्लेखित है….।।

*इसलिये गर्व से कहो, हाँ हम #हिंदू थे, #हिन्दू हैं और सदैव #सनातनी_हिन्दू ही रहेंगे…//////

Somnath Temple – BaanStambha


#सोमनाथ_मन्दिर_का_बाणस्तम्भ’

इतिहास बड़ा चमत्कारी विषय है, इसको खोजते खोजते हमारा सामना ऐसे स्थिति से होता है कि हम आश्चर्य में पड़ जाते हैं, पहले हम स्वयं से पूछते हैं, यह कैसे संभव हैै..? डेढ़ हजार वर्ष पहले इतना उन्नत और अत्याधुनिक ज्ञान हम भारतीयों के पास था, इस पर विश्वास ही नहीं होता *..*!!

गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आकर कुछ ऐसी ही स्थिति होती हैं, वैसे भी सोमनाथ मंदिर का इतिहास बड़ा ही विलक्षण और गौरवशाली रहा हैं, *१२* ज्योतिर्लिंगों में से पहला ज्योतिर्लिंग है सोमनाथ..! इस मंदिर के प्रांगण में एक स्तंभ (खंबा) है, यह *बाणस्तंभ* नाम से जाना जाता हैै, यह स्तंभ कब से वहां पर है बता पाना कठिन हैं; लगभग छठी शताब्दी से इस बाणस्तंभ का इतिहास में नाम आता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि बाणस्तंभ का निर्माण छठे शतक में हुआ है, उस के सैकड़ों वर्ष पहले इसका निर्माण हुआ होगा यह एक दिशादर्शक स्तंभ है जिस पर समुद्र की ओर इंगित करता एक बाण है, इस *बाणस्तंभ* पर लिखा है–

आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव पर्यंत

अबाधित ज्योतिरमार्ग ।

इसका अर्थ यह हुआ *इस बिंदु से दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में एक भी अवरोध या बाधा नहीं हैं* अर्थात *इस समूची दूरी में जमीन का एक भी टुकड़ा नहीं हैं ..*!!

संस्कृत में लिखे हुए इस पंक्ति के अर्थ में अनेक गूढ़ अर्थ समाहित हैं, इस पंक्ति का सरल अर्थ यह है कि *सोमनाथ मंदिर के उस बिंदु से लेकर दक्षिण ध्रुव तक (अर्थात ‘अंटार्टिका’ तक) एक सीधी रेखा खिंची जाए तो बीच में एक भी भूखंड नहीं आता हैैं, क्या यह सच है..? आज के इस तंत्रविज्ञान के युग में यह ढूँढना संभव तो है लेकिन उतना आसान नहीं ..*!!

गूगल मैप में ढूंढने के बाद भूखंड नहीं दिखता हैं, लेकिन वह बड़ा भूखंड, छोटे छोटे भूखंडों को देखने के लिए मैप को *एनलार्ज* (ज़ूम) करते हुए आगे जाना पड़ता है, वैसे तो यह बड़ा ही *बोरिंग* सा काम हैं, लेकिन धीरज रख कर धीरे-धीरे देखते गए तो रास्ते में एक भी भूखंड (अर्थात 10 किलोमीटर X 10 किलोमीटर से बड़ा भूखंड उससे छोटा पकड़ में) नहीं आता है, अर्थात हम मान कर चले कि उस *संस्कृत श्लोक में सत्यता है*, किन्तु फिर भी मूल प्रश्न वैसा ही रहता हैं अगर मान कर भी चलते हैं कि सन् ६०० में इस बाणस्तंभ का निर्माण हुआ था, तो भी उस जमाने में पृथ्वी का दक्षिणी ध्रुव हैै यह ज्ञान हमारे पुरखों के पास कहां से आया..? अच्छा, दक्षिण ध्रुव ज्ञात था यह मान भी लिया तो भी सोमनाथ मंदिर से दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में एक भी भूखंड नहीं आता हैै यह *मैपिंग* किसने किया..? कैसे किया..? *सब कुछ अद्भुत ..*!!

इसका अर्थ यह है कि बाणस्तंभ के निर्माण काल में भारतीयों को पृथ्वी गोल है इसका ज्ञान था इतना ही नहीं, पृथ्वी का दक्षिण ध्रुव है (अर्थात उत्तर ध्रुव भी है) यह भी ज्ञान था, यह कैसे संभव हुआ..? इसके लिए पृथ्वी का *एरिअल व्यू* लेने का कोई साधन उपलब्ध था..? अथवा पृथ्वी का विकसित नक्शा बना था..?

नक़्शे बनाने का एक शास्त्र होता है, अंग्रेजी में इसे कार्टोग्राफी (यह मूलतः फ्रेंच शब्द है) कहते हैं, यह प्राचीन शास्त्र है, ईसा से छह से आठ हजार वर्ष पूर्व की गुफाओं में आकाश के ग्रह तारों के नक़्शे मिले थे; परन्तु पृथ्वी का पहला नक्शा किसने बनाया इस पर एकमत नहीं हैं, हमारे भारतीय ज्ञान का कोई सबूत न मिलने के कारण यह सम्मान एनेक्झिमेंडर इस ग्रीक वैज्ञानिक को दिया जाता है, इनका कालखंड ईसा पूर्व ६११ से ५४६ वर्ष था, किन्तु यह नक्शा अत्यन्त प्राथमिक अवस्था में था, उस कालखंड में जहां जहां मनुष्यों की बसाहट का ज्ञान था, बस वही हिस्सा नक़्शे में दिखाया गया हैै इस लिए उस नक़्शे में उत्तर और दक्षिण ध्रुव दिखने का कोई कारण ही नहीं था ।

आज की दुनिया के वास्तविक रूप के करीब जाने वाला नक्शा *हेनरिक्स मार्टेलस* ने साधारणतः सन् १४९० के आसपास तैयार किया था, ऐसा माना जाता है कि कोलंबस ने इसी नक़्शे के आधार पर अपना समुद्री सफर तय किया था, *पृथ्वी गोल है* इस प्रकार का विचार यूरोप के कुछ वैज्ञानिकों ने व्यक्त किया था, *एनेक्सिमेंडर* ईसा पूर्व ६०० वर्ष पृथ्वी को सिलेंडर के रूप में माना था, *एरिस्टोटल* (ईसा पूर्व ३८४ – ईसा पूर्व ३२२) ने भी पृथ्वी को गोल माना था, लेकिन भारत में यह ज्ञान बहुत प्राचीन समय से था, जिसके प्रमाण भी मिलते हैं; इसी ज्ञान के आधार पर आगे चलकर *आर्यभट्ट ने सन् ५०० के आस पास इस गोल पृथ्वी का व्यास ४,९६७ योजन है* (अर्थात नए मापदंडों के अनुसार ३९,९६८ किलोमीटर है) यह भी दृढ़तापूर्वक बताया, आज की अत्याधुनिक तकनीकी सहायता से पृथ्वी का व्यास ४०,०७५ किलोमीटर माना गया है, इसका अर्थ यह हुआ की आर्यभट्ट के आकलन में मात्र ०.२६% का अंतर आ रहा है, जो नाममात्र है। लगभग डेढ़ हजार वर्ष पहले आर्यभट्ट के पास यह ज्ञान कहां से आया..?

सन् २००८ में जर्मनी के विख्यात इतिहासविद जोसेफ श्वार्ट्सबर्ग ने यह साबित कर दिया कि ईसा पूर्व दो-ढाई हजार वर्ष, भारत में नकाशा शास्त्र अत्यन्त विकसित था, नगर रचना के नक्शे उस समय उपलब्ध तो थे ही, परन्तु नौकायन के लिए आवश्यक नक्शे भी उपलब्ध थे ।

भारत में नौकायन शास्त्र प्राचीन काल से विकसित था, सम्पूर्ण दक्षिण एशिया में जिस प्रकार से हिन्दू संस्कृति के चिह्न पग पग पर दिखते हैं, उससे यह ज्ञात होता है कि भारत के जहाज पूर्व दिशा में जावा, सुमात्रा, यवद्वीप को पार कर के जापान तक प्रवास कर के आते थे, सन् १९५५ में गुजरात के *लोथल* में ढाई हजार वर्ष पूर्व के अवशेष मिले हैं इसमें भारत के प्रगत नौकायन के अनेक प्रमाण मिलते हैं ।

सोमनाथ मंदिर के निर्माण काल में दक्षिण ध्रुव तक दिशा दर्शन उस समय के भारतीयों को था यह निश्चित है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न सामने आता है कि *दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में समुद्र में कोई अवरोध नहीं हैं*, ऐसा बाद में खोज निकाला, या दक्षिण ध्रुव से भारत के पश्चिम तट पर, बिना अवरोध के सीधी रेखा जहां मिलती है वहां पहला ज्योतिर्लिंग स्थापित किया..?

(सा:स्त्रोत)

उस बाण स्तंभ पर लिखी गयी उन पंक्तियों में,

(आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव पर्यंत;अबाधित ज्योतिरमार्ग)

जिसका उल्लेख किया गया है, वह ज्योतिर्’मार्ग क्या है..?

यह आज भी प्रश्न ही है..

How many Wife A Hindu Man Can Merry ?


How many wives is a Hindu man permitted?

Answer:

Well, the fact actually is, that according to the Hindu scriptures, a hindu can have more than one wife.

It was only in 1954 that the Indian Constitution passed a law, as the Hindu Marraige Act that a hindu can marry only one. Otherwise before that polygamy was allowed,

so that means the Indian Constitution has made it illegal, whereas the hindu scriptures permit it.

In a survey, there were more hindus with many wives as compared to muslims.

Hindus should fight for their right according to hindu scriptures.

And practically, there are more females than males, so where would the rest of the females marry. Thousands of females die every year due female foeticide and infanticide, which further decreases the female population.

The female population in India, barring Kerala, is less (I should say seriously less) than the male population. Under the circumstances, polygamy does not make any sense in India. And the so called law prohibits it, which is total fabrication to keep Hindu’s under control., and I reject the Law.

All our Hindu God has more then one wife. Lord Krishna had 8 wifes. And father of Lord Rama had Three.

Let us first try to increase the female population and save the girl child. However, first paragraph is correct.

Marriage to more than one spouse at a time. Although the term may also refer to polyandry (marriage to more than one man), it is often used as a synonym for polygyny (marriage to more than one woman), which appears to have once been common in most of the world and is still found widely in some cultures.

Polygyny seems to offer the husband increased prestige, economic stability, and sexual companionship in cultures where pregnancy and lactation dictate abstinence, while offering the wives a shared labour burden and an institutionalized role where a surplus of unmarried women might otherwise exist.

The polygynous family is often fraught with bickering and sexual jealousy; to preserve harmony, one wife may be accorded seniority, and each wife and her children may have separate living quarters.

Polyandry is relatively rare; in parts of the Himalayas, where brothers may marry a single woman, the practice serves to limit the number of descendants and keep limited land within the household.

Who Owns Media in India / Bharat ?


भारतीय मीडिया का पश्चिमीकरण

आपका माथा ठनक जायेगा जब पता चलेगा की भारत की मीडिया एजेंसियों के पीछे कौन है..???

क्या आप जानते है जन सामान्य मीडिया को बिकाऊ क्यों कहता है ??

क्या आप जानते है हमारा मीडिया पश्चिमीकरण का समर्थन और भारतीयता का विरोध क्यों करती है .??

भारत की मीडिया हिन्दु विरोधी क्यों है ??

तो आइये जानते है भारत की मीडिया की सच्चाई के बारे मे :—

सन 2005 मे एक फ्रांसिसी पत्रकार भारत दौरे पर आया, उसका नाम ” फैंन्कोईस ” था ! उसने भारत मे हिन्दुओं के उपर मे हो रहे अत्याचारो के बारे मे अध्ययन किया, और उसने बहुत हद तक इस कार्य के लिए मीडिया को जिम्मेवार ठहराया !

फिर उसने पता करना शुरु किया तो वह आश्चर्य चकित रह गया कि भारत मे चलने वाले न्युज चैनल, अखबार वास्तव मे भारत के है ही नही !

फिर भारत के मीडिया समुह और उसकी आर्थिक श्रोत के बारे मे पता किया तो जो जानकारी मिली वो निम्न है :–

1– द हिन्दु :– जोशुआ सोसाईटी, बर्न, स्विट्जरलैंड, इसके सम्पादक — एन.राम- इनकी पत्नी ईसाई मे बदल चुकी है !

2– एनडीटीवी :– ओस्पेल ऑफ चैरिटी- स्पेन, युरोप !

3– सीएनएन – आईबीएन- 7 – सीएनबीसी :–100% आर्थिक सहयोग साउथर्न बैपिटिस्ट चर्च द्वारा !

4– द टाइम्स ऑफ इंडिया- नव भारत टाइम्स नाउ :– बेनेट एण्ड कोल्मान द्वारा संचालित, 80 % फंड वर्ल्ड क्रिश्चियन काउंसिल द्वारा, बचा हुआ 20 % एक अंग्रेज और इटालियन द्वारा दिया जाता है ! इटैलियन व्यक्ति का नाम रोबोर्ट माइन्दो है , जो युपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का निकट संबंधी है !

5– हिन्तुस्तान टाइम्स, दैनिक हिन्दुस्तान :– मालिक बिरला ग्रुप लेकिन टाइम्स ग्रुप के साथ जोड दिया गया है !

6– इंडियन एक्सप्रेस :– इसे दो भागों मे बांट दिया गया है ! दि इंडियन एक्सप्रेस और नयु इंडिया एक्सप्रेस (साउथर्न एडिसन) — फंडिंग लंदन से !

7– दैनिक जागरण ग्रुप:– इसके एक प्रबंधक समाजवादी पार्टी से राज्यसभा मे सांसद है, इससे आगे कुछ कहने की जरुरत ही नही, आप जानते है !

8– दैनिक सहारा :– इसके प्रबंधक सहारा समुह देखती है ! इसके निदेशक सुब्रतो राय भी समाजवादी पार्टी के बहुत मुरीद है !

9– आंध्र ज्योति– हैदराबाद की एक मुस्लिम पार्टी एमआईएम (MIM ये वही पार्टी है जो हैदराबाद मे दंगे करते रहते है) – ने कांग्रैस के एक मंत्री के साथ कुछ साल पहले खरीद लिया !

10– दि स्टेट्स मैन :– कम्युनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया द्वारा संचालित !

11– अमर उजाला — अमर उजाला के मालिक अमर सिंह है !

12– इंडिया न्युज :– प्रबंधक कार्तिकेय शर्मा ( जेसिका लाल हत्याकाण्ड के आरोपी मनु शर्मा का भाई) – जिसके पिता विनोद शर्मा हरियाणा से कांग्रेस विधायक है !

13– एबीपी नंयुज :– सेंट पीटर पोंतिफिसियल चर्च, मेलबर्न, आष्ट्रेलिया ( एबिपी न्युज) सदा से ही भारत मे हिन्दु विरोधी रहा है ! भारत मे इसके मुख्य सम्पादक ” शाजी जमान ” है , जो शुरु से ही हिन्दु विरोधी रहे है !

14– आजतक न्युज :– क्रिश्चियन काउंसिल ऑफ लंदन, 100 % फंडिंग लंदन से ! इस तरह से एक लम्बी लिस्ट है, जिससे ये पता चलता है की भारत की मीडिया भारतीय बिल्कुल भी नही है ! और जब इनकी फंडिंग विदेश से होती है तो भला भारत के बारे मे कैसे सोच सकते है !

अब आप विचार कर सकते है कि भारतीय मीडिया का पश्चिमीकरण क्यो हो रहा है —-🙏

🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉

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